राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 पुरस्कार प्रदान किए, इंदौर और सूरत स्वच्छता श्रेणी में रहे टॉप पर .

नई दिल्ली: इंदौर और सूरत को आज एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में स्वच्छ नगरों के पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया। इंदौर ने लगातार सातवीं बार यह पुरस्‍कार प्राप्‍त किया है। 

इसी श्रेणी में नवी मुंबई को तीसरा स्‍थान प्राप्‍त हुआ। राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्‍य अधिकारियों की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 पुरस्कार प्रदान किए।

एक लाख से कम जनसंख्‍या वाली श्रेणी में महाराष्ट्र में सास्‍वाद, छत्तीसगढ़ में पाटन तथा महाराष्ट्र में लोनावाला ने स्वच्छ शहरों में तीन शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त किए। इस बीच महाराष्ट्र को राज्‍यों की श्रेणी में स्वच्छता के लिए पहला पुरस्कार, मध्य प्रदेश को द्वितीय पुरस्कार और छत्तीसगढ़ को तीसरा स्वच्छ राज्‍य पुरस्कार दिया गया। उत्तर प्रदेश से वाराणसी और प्रयागराज ने स्वच्छ गंगा नगरों में से दो शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त किए।


राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार तथा अन्‍य संगठनों ने देश में स्‍वच्‍छ भारत मिशन को महत्‍वपूर्ण आंदोलन बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्‍होंने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन, इससे जुडे लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करता है। 

राष्‍ट्रपति ने स्वच्छ भारत मिशन में योगदान के लिए सफाईमित्रों का धन्यवाद भी किया और कहा कि इस मिशन में उनका योगदान अत्‍यन्‍त उल्लेखनीय रहा है। उन्‍होंने देश के युवा वर्ग से भारत को विश्व में स्वच्छ देश बनाने की दिशा में योगदान देने की अपील की।


इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा 4,447 शहरों में एक लाख स्थल स्वच्छ सर्वेक्षण के काम के लिए दिए गए है और 12 करोड़ नागरिकों की प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। 

उन्‍होंने कहा कि 2014 में केवल 15 से 16 प्रतिशत कचरा वैज्ञानिक रूप से संसाधित किया गया और वर्तमान में कचरे के 76 प्रतिशत भाग को संसाधित किया जा रहा है।