देहरादून(हिल न्यूज़ लाइव): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की ओर से प्रथम बार लोक भाषाओं और लोक साहित्य में कुमाउंनी, गढ़वाली, अन्य उत्तराखण्ड की बोलियों व उपबोलियों के लिए प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने की घोषणा की है।
वर्ष 2014 के बाद आज सचिवालय में पहली बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की बैठक हुई। संस्थान की प्रबन्ध कार्यकारिणी एवं साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने मई माह में भव्य समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित करने की बात कही।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के ऐसे रचनाकारों, जो आर्थिक अभाव के कारण अपनी पुस्तकों का प्रकाशन नहीं करा पाते हैं, उन्हें उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में आंशिक अनुदान दिए जाने के प्रस्ताव पर भी स्वीकृति दी।
मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक जनपद में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय भाषा सम्मेलन आयोजन करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जनपद के 1 प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल-ई पुस्तकालय स्थापित किया जाये।
बैठक में राज्य में नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ मिलकर पुस्तक मेले का आयोजन तथा पुस्तक मेले में साहित्यिक संगोष्ठियों के आयोजन पर भी स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक भाषाएं एवं बोलियां हमारी पहचान और गौरव है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं, बोलियों व संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरन्तर प्रयासरत है।
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