PM नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड त्योहारों और जीवंत मेलों का किया जिक्र, धामी सरकार के विकास कार्यों की प्रशंसा की      .

देहरादून(हिल न्यूज़ लाइव):रजत जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखण्ड को अपने अंदर छुपी हुई संभावना पर फोकस करना होगा। हरेला, फुलदेई, भिटोली जैसे त्योहारों से पयर्टकों को जोड़े जाने की जरूरत है। इसी तरह नंदादेवी, जौलजीवी, बागेश्वर उत्तरायणी, देवीधुरा, श्रावणी और बटर फेस्टिवल जैसे जीवंत मेलों में यहां की आत्मा बसती हैं। इसके लिए यहां वन डिस्ट्रिक– वन फेस्टिवल के जरिए उत्तराखण्ड को विश्व मानचित्र पर लाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड में विंटर टूरिज्म शुरू करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि सर्दियों में आने वाले पयर्टकों की संख्या बढ़ने से आर्थिकी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आदि कैलाश में आयोजित हाई ऑल्टीट्यूट मैराथन और आदि कैलाश परिक्रमा रन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि तीन साल पहले तक आदि कैलाश में साल में दो हजार से कम पर्यटक आते थे, आज यह संख्या बढ़कर 30 हजार हो चुकी है। इसी तरह बाबा केदार के धाम में आने वाले यात्रियों की संख्या भी 17 लाख तक पहुंच चुकी है। उत्तराखण्ड में ईको टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म विकास की नई ऊंचाई छू सकता है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अब फिल्म डेस्टिनेशन बन चुका है, राज्य की नई फिल्म नीति से यहां शूटिंग आसान हो गई है। इसी तरह उत्तराखण्ड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो रहा है। वेड इन इंडिया मुहिम का लाभ उठाने के लिए उत्तराखण्ड को आलीशान सुविधाओं के साथ कुछ डेस्टिनेशन विकसित करने होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद 'वोकल फॉर लोकल' मुहिम से जुड़ रहे हैं। राज्य के 15 कृषि उत्पादों को जीआई टैग मिला है। बेडू फल और बदरी घी को हाल के दिनों में जीआई टैग मिलना गौरव की बात है। इसी तरह हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, उत्तराखण्ड के उत्पादों को एक मंच पर ला रहा है। डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए उत्तराखण्ड के उत्पाद ग्लोबल मार्केट में जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक की विकास यात्रा में कई रुकावटें आई, लेकिन सरकार ने मजबूत संकल्प के साथ इन बाधाओं को दूर किया।

प्रधानमंत्री  ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार ने UCC को गंभीरता से लागू करते हुए, दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल प्रस्तुत की है। इसी तरह राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी, दंगा नियंत्रण कानून से भी राष्ट्र-हित को लेकर साहसिक नीति अपनाई है। 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में प्रदेशवासियों को पुन: शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य स्थापना की रजत जयंती से उत्तराखण्ड विकास की नई उंचाई छूते हुए, गर्व के साथ आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि देश जब देश आजादी का 100 साल मनाएगा, तब उत्तराखण्ड किस ऊंचाई पर होगा, हमें यह रास्ता चुनना है। इसलिए इंतजार किए बिना, हमें अपने रास्ते पर चल पड़ना होगा, भारत सरकार इस यात्रा में हमेशा उत्तराखण्ड सरकार के साथ खड़ी रहेगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन, वंदे मातरम के संबोधन के साथ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस, रजत जयंती वर्ष की बधाई देने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करते हुए कहा कि ये हम सभी उत्तराखण्डवासियों का सौभाग्य है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें यशस्वी प्रधानमंत्री जी का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्रों में भी कहा गया है..."राजा धर्मस्य कारणम्".. यानी राजा ही धर्म का कारण और रक्षक होता है, जब राजा धर्मपरायण होता है, तब राज्य में सबका कल्याण होता है। ये सूत्र वाक्य आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दिव्य, प्रेरणादायी और कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व का साक्षात प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी तीनों सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को कड़ा सबक सिखाने का काम किया।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा पुष्पित - पल्लवित उत्तराखण्ड, वर्ष 2047 तक "विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड" के मंत्र पर चलते हुए, एक समृद्ध और आत्मनिर्भर प्रदेश बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। साथ ही प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादायी नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, G-20 सम्मेलन की बैठकों सहित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजनों द्वारा भी बदलते उत्तराखण्ड की सुनहरी तस्वीर विश्व पटल पर प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि केदारनाथ त्रासदी, सिलक्यारा टनल हादसा, ज्योतिर्मठ भूधंसाव या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रधानमंत्री जी ने संवेदनशीलता के साथ उत्तराखण्ड की जनता का साथ दिया है।