राजभवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न फूलों की भव्य प्रदर्शनी के साथ ‘वसंतोत्सव-2024’ का हुआ शुभारम्भ .

देहरादून(हिल न्यूज़ लाइव): राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राजभवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न फूलों की भव्य प्रदर्शनी के साथ ‘वसंतोत्सव-2024’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज मौजूद रहे।

राज्यपाल ने इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा इस वर्ष के लिये चयनित ‘’थुनेर’’ के विशेष डाक आवरण का विमोचन किया, साथ ही डाक विभाग देहरादून द्वारा लगायी गयी डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। 

थुनेर में औषधीय गुण विद्यमान होने के दृष्टिगत इसका उपयोग विभिन्न बीमारियों जैसेः- खांसी, सर्दी, बुखार, सिरदर्द, पाचन संबंधी समस्या, ब्रॉकाइटिस, त्वचा समस्या, मांसपेशियों में दर्द, गठिया आदि के उपचार में किया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने राजभवन उत्तराखण्ड की त्रैमासिक पत्रिका ‘नंदा’ का भी विमोचन किया।

वसंतोत्सव के पहले दिन के कार्यक्रमों में आईएमए, आईटीबीपी, पीएसी और होमगार्ड के जवानों ने बैंड की मधुर धुनों से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। अल्मोड़ा से आए छोलिया कलाकारों ने शानदार छोलिया नृत्य किया। कार्यक्रम में गोरखा राइफल्स के जवानों द्वारा अपने शारीरिक और मानसिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए खुखरी नृत्य किया जिसने उपस्थित दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। 

देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के छात्रों ने योगा के बेहतरीन करतब दिखाये। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी के जवानों ने कराटे का अदभुत प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया। राज्यपाल ने सभी टीम के सदस्यों से मुलाकात कर उनके प्रदर्शन व प्रस्तुतियों की सराहना की।

राज्यपाल ने पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए विभिन्न स्कूलों के बच्चों से मुलाकात की और उनके द्वारा बनायी जा रही पेंटिंग की सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने वसंतोत्सव में लगी फूलों की भव्य प्रदर्शनी और लगाये गये विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण और जानकारी ली।वसंतोत्सव में फूलों से बनी सेल्फी प्वाइंट में फोटो खिंचवाने के लिए लोगों में गजब उत्साह दिखाई दिया। सेल्फी खिंचवाने में लोगों की भींड़ लगी रही।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति का अनुपम वरदान प्राप्त है। यहां के पुष्पों में अलग ही सौंदर्य और विशिष्टता है जो आने वाले समय में उत्तराखण्ड को पुष्प प्रदेश बनाने की ओर ले जायेगा। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करता है।

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