राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय, बेसिक शिक्षक भर्ती में बीएड की अनिवार्यता ख़त्म .

देहरादून। राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, राज्य में प्राथमिक शिक्षक भर्ती में बीएड डिग्री धारक आवेदन नहीं कर सकेंगे। अब डीएलएड प्रशिक्षित ही कक्षा पहली से पांचवी तक के लिए शिक्षक बनने के पात्र होंगे। 

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में राज्य सरकार ने मंत्रिमण्डल की बैठक में आज यह निर्णय लिया। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने निर्णय लिया कि अटल आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में डायलसिस सेंटर पर आने वाले खर्च का शत प्रतिशत भार राज्य सरकार वहन करेगी। 

कौशल विकास के क्षेत्र में सरकार ने कार्यबल विकास परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिसे विश्व बैंक के सहयोग से 630 करोड़ रुपए की धनराशि से पूरा किया जाएगा। 

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमण्डल ने राज्य में पीएचडी करने वाले ऐसे छात्रों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया, जिन्हें कहीं और से छात्रवृत्ति नहीं मिलती। सरकार ने ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर के गढ़ी नेगी क्षेत्र को नंगर पंचायत बनाने पर भी मुहर लगा दी है। 

कैबिनेट ने पर्यटन विभाग के 5 दिवसीय हेली दर्शन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत पिथौरागढ़ से आदि कैलाश व ओम पर्वत के दर्शन के लिए हवाई सेवा की मदद ली जाएगी। इसके लिए छह महीने का ट्रायल किया जाएगा।

सरकार ने देहरादून के हर्रावाहला कैंसर अस्पताल और मातृ अस्तपताल को सरकारी निजी कंपनी भागीदारी- पी॰पी॰पी मोड पर चलाने का निर्णय भी लिया है।