नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से अपनी सभी योजनाओं को अधिकतम लोगों तक पहुंचाने का है। आज दोपहर बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से बातचीत करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खडे लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्ष में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों का जीवन आसान हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव हो या शहर, विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर हर जगह उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि सरकारी योजनाओं के लाभ से कोई भी वंचित न रहे। मोदी ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा ने दो-तीन दिन पहले ही अपनी यात्रा के 50 दिन पूरे किये हैं और 11 करोड़ लोग इस यात्रा से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा न केवल सरकार बल्कि देश की भी यात्रा बन गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि मौजूदा और भविष्य की पीढ़ियां वह जीवन न जिएं जो पिछली पीढ़ी जीती थीं। उन्होंने कहा कि सरकार देश की बड़ी आबादी को रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए संघर्ष से बाहर निकालना चाहती है और इसलिए वह गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए ये देश की चार सबसे बड़ी जातियां हैं। उन्होंने कहा कि जब गरीब, किसान, महिलाएं और युवा सशक्त होंगे तो देश शक्तिशाली बनेगा।
पीएम मोदी ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद से, सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति योजना, पीएम स्वनिधि के लिए लाखों आवेदनों के साथ उज्ज्वला कनेक्शन के लिए 12 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आयुष्मान योजना पर भी प्रकाश डाला, जो पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा, गरीबों के लिए मुफ्त डायलिसिस और जन औषधि केंद्रों पर कम लागत वाली दवाएं प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और मुद्रा योजना के माध्यम से ऋण की उपलब्धता, बैंक मित्र, पशु सखी और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका निभा रही महिलाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 10 करोड़ महिलाएं महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इन्हें सात करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में देश में कृषि नीति को लेकर होने वाली चर्चाओं का दायरा केवल उत्पादन और बिक्री तक ही सीमित था और किसानों के सामने आने वाले रोजमर्रा के विभिन्न मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया जाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की हर कठिनाई को आसान करने के लिए हरसंभव प्रयास किये हैं।



