नई दिल्ली: वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए राजधानी दिल्ली में ग्रेडेड रेसपांस एक्शन प्लान- ग्रैप का चौथा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 452 पर पहुंच गया है जिसे बेहद खराब श्रेणी का माना जाता है।
केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने कहा है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है ऐसे में ग्रैप के क्रियान्वयन की निगरानी करने वाली उप समिति की आज दिल्ली में हुई बैठक में ग्रैप-चार लागू करने का फैसला लिया गया है। इसके लागू होने के साथ ही दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक लग गई है। केवल आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने और आवश्यक सेवाएं देने वाले तथा CNG और इलेक्ट्रिक से चलने वाले ट्रकों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
दिल्ली से बाहर पंजीकृत इलेक्ट्रिक और CNG चलित हल्के वाहनों को छोडकर अन्य हल्के वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।उपसमिति की बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पडने वाले राज्य चाहें तो अपने यहां स्कूलों में छठी से लेकर ग्यारहवीं कक्षा की पढाई ऑनलाइन कराने का फैसला ले सकते हैं। वे चाहें तो केवल पचास फीसदी कर्मचारियों के साथ सरकारी और निजी कार्यालयों का काम काज चला सकते हैं।
समिति ने यह भी कहा है कि चाहे तो केन्द्र सरकार भी आवश्यकतानुसार अपने कार्यालयों में कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दे सकती है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बच्चों , बुजुर्गों और सांस तथा ह्दय रोग से पीडित लोगों को सलाह दी है कि जितना संभव हो सके वे बाहर निकलने से बचें और घर पर ही रहें।
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