देहरादून(हिल न्यूज़ लाइव): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने चार वर्ष के दौरान कई ऐसे ऐतिहासिक और सशक्त फैसले लिए, जिनसे राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।
सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। अब यही प्राधिकरण पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा।
वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में लगभग 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जो प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया, वहीं सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई। प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों और योजनाओं ने उत्तराखण्ड के विकास की नई दिशा दी है। मजबूत कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और महिला सशक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।
उत्तराखण्ड ने पिछले चार वर्षों में विकास और विरासत का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है।
राज्य में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
नैनीताल जिले की जमरानी बांध परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेज गति से चल रहा है। वहीं, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड भी जल्द शुरू होने वाली है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किच्छा (ऊधमसिंह नगर) में एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, ऋषिकेश में राफ्टिंग बेस स्टेशन विकसित किया जाएगा।
राज्य में उड़ान योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में हेली सेवाओं का संचालन शुरू किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आया है।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में ₹270 करोड़ की लागत से करीब 200 विकास योजनाओं पर कार्य जारी है। साथ ही, 13 जिलों में 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का शुभारंभ किया गया है।
ऊधमसिंह नगर के खुरपिया फार्म में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप की स्वीकृति और टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने के प्रयास, राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
उत्तराखण्ड, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। वहीं, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना की गई है।
राज्य के स्कूलों में श्रीमद् भगवद् गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय भी सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य में पर्यटन ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2025 में 6.03 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखण्ड पहुंचे, जबकि चार धाम यात्रा में लगभग 48 लाख श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ यात्रा में 4.15 करोड़ से अधिक शिवभक्तों की भागीदारी रही।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता 1 गीगावाट से अधिक पहुंच गई है। UPCL ने 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कर नया कीर्तिमान बनाया है।
उत्तराखण्ड ने पहली बार राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।
उत्तराखण्ड ने विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में शानदार प्रदर्शन किया है। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में राज्य ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं,SDG इंडेक्स 2023-24 में भी उत्तराखण्ड देश में शीर्ष स्थान पर रहा।
Ease of Doing Business में “Achievers” और StartUp रैंकिंग में “Leaders” श्रेणी प्राप्त करना राज्य की कारोबारी अनुकूल नीतियों को दर्शाता है।
Wings India 2026 में उत्तराखण्ड को “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खनन सुधारों में राज्य ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसके लिए ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली।
इसके अलावा, जखोल, सूपी, हर्षिल और गुंजी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में पुरस्कृत किया गया, जो ग्रामीण पर्यटन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
चार वर्षों में “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ उत्तराखण्ड ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन और ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। यह दौर न केवल विकास का है, बल्कि राज्य के लिए एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।



