देहरादून(हिल न्यूज़ लाइव): मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं की दृष्टिगत हेलीकॉप्टर सेवा को बढ़ावा देना केवल पर्यटन ही नहीं यातायात की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के संबंध में अनुरोध किया कि पूर्वोत्तर के राज्यों के भांति उत्तराखण्ड राज्य को भी 24 प्रतिशत Capital Subsidy वाली श्रेणी में सम्मिलित किये जाने के लिए नीति आयोग, भारत सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल विद्युत योजनाओं अन्तर्गत 25 मेगावाट से कम क्षमता की परियोजनाओं के अनुमोदन तथा क्रियान्वयन की अनुमति राज्य सरकार को प्रदान होने से राज्य में लगभग 170 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता का यथाशीघ्र उपयोग हो सकेगा तथा लगभग 3000 मेगावाट तक विद्युत क्षमता का उपयोग विकसित भारत @ 2047 के विजन के अन्तर्गत स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करते हुए Net Zero के लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहयोग प्रदान करेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के उद्यानिकी विकास हेतु सिंचाई के अन्य विकल्पों के लिए अनुरोध है कि भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित "पीएम कृषि सिंचाई योजना" के Guidelines में Lift Irrigation को भी सम्मिलित करने पर विचार किया जाए ।
जल जीवन मिशन योजना के द्वारा प्रदेश में जल आपूर्ति की दिशा में अभूतपूर्व सुधार एवं प्रगति हुई है। इसके लिए पर्वतीय क्षेत्र के जल स्रोतों के Gradiant को ध्यान में रखते हुए Source Augmentation को भी जल जीवन मिशन की गाइडलाइन्स में सम्मिलित किए जाने का अनुरोध किया।
उत्तराखण्ड में उच्च गुणवत्ता युक्त "Planting Material Hub" बनने की प्रबल सम्भावनाओं के लिए National Horticulture Board तथा National Seed Corporation से सहयोग की अपेक्षा है, ताकि राज्य Planting Material Hub बनकर अन्य राज्यों को भी Planting Material उपलब्ध करा सके। इस संबंध में राज्य केंद्र सरकार से सहयोग का आकांक्षी है।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड को Knowledge Hub के रूप में विकसित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा सेवा क्षेत्र नीति 2024 प्रख्यापित की गयी है। सेवा क्षेत्र नीति के अन्तर्गत शिक्षा, आई०टी०, डाटा सेन्टर, वेलनेस, आयुष, खेल आदि पर विशेष फोकस किया गया है।
राज्य में प्रारम्भ से ही मसूरी, नैनीताल तथा देहरादून में उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था रही है। वर्तमान में राज्य में 23 निजी विश्वविद्यालय, 12 राज्य, एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय तथा 4 राष्ट्रीय महत्व के संस्थान कार्यरत हैं।
राज्य को Knowledge Hub के रूप में विकसित करने हेतु K-12, राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को स्थापित करने हेतु सेवा क्षेत्र नीति के अंतर्गत आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। K-12 स्कूलों हेतु पर्वतीय क्षेत्रों में ₹25 करोड़ तथा मैदानी क्षेत्रों में ₹50 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है।
जबकि उच्च शिक्षा के संस्थानों हेतु पर्वतीय क्षेत्रों में ₹50 करोड़ तथा मैदानी क्षेत्रों में 100 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर भी 25 प्रतिशत से अधिक की सब्सिडी (अधिकतम ₹100 करोड़ सब्सिडी प्रति परियोजना) का प्रावधान है |
उद्यमिता तथा उद्योगों के बीच सम्बन्धों को ध्यान में रखते हुए देहरादून विश्वविद्यालयों में ₹25 करोड़ की लागत से Centre of Innovation, Incubation, Entrepreneurship स्थापित किया गया है। इसी प्रकार 66 करोड़ की लागत से कौशल, उद्यमिता एवं शोध को बढ़ावा देने हेतु Central Instrumentation Facility की स्थापना श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में की गयी है। 209 करोड़ की लागत से कुमाऊं विश्वविद्यालय में State Instrumentation Centre हिमालयन मेडिसन प्लान्ट उत्कृष्ट केन्द्र तथा High Altitude Sport Training Centre की स्थापना की गयी।
मुख्य सचिव ने कहा कि हिमालयी पारिस्थतिकी तंत्र दुनिया के सबसे नाजुक और जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है, जो एक बड़ी जनसंख्या हेतु पानी, जैव विविधता तथा इकोसिस्टम सेवाएं प्रदान करता है। हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को Climate Resilient बनाने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो पर्यावरण संरक्षण, सतत् संसाधन प्रबंधन, आपदा तैयारी और सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत करता हो।



